नंदा देवी लोकजात, कांवड समेत उत्तराखंड के सांस्कृतिक मेले केंद्रीय प्रचार प्रसार योजना में होंगे शामिल

देहरादून/नई दिल्ली। सतपाल महाराज की दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी से हुई मुलाकात में राज्य में पर्यटन विकास के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई । इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने बताया राज्यों के संस्कृतिक मेलों के प्रचार प्रसार की केंद्रीय योजना में उत्तराखंड के नंदा देवी लोकजात मेला, कांवड मेला, बागेश्वर के उत्तरायणी मेला और देवीधुरा के ऐतिहासिक बग्वाल मेले को भी शामिल किया जाएगा |

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने गुरुवार को केन्द्रीय संस्कृति, पर्यटन और पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास मंत्री जी किशन रेड्डी से शिष्टाचार भेंट कर  उत्तराखंड में महाभारत सर्किट विकास, कैंची धाम मंदिर अवस्थापना विकास एवं महावतार बाबा की तपस्थली द्वाराहाट के निकट कुकुचीना में पर्यटन सुविधाओं के विकास को लेकर व्यापक चर्चा की । इसके साथ ही  उन्होने पर्यटक स्थलों पर लाइट एंड साउंड शो विकसित करने तथा रोपवे निर्माण आदि अनेक मामलों पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर महाराज ने द्रोणनगरी देहरादून, लाक्ष्यगृह लाखा मंडल, स्वर्गारोहणी, बद्रीनाथ सतोपंथ आदि स्थानों को सम्मिलित करते हुए महाभारत सर्किट का निर्माण करने हेतु केंद्र से वित्तीय सहायता का अनुरोध किया।   

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा पूरे देश के मेलों को प्रचारित-प्रसारित करने की योजना बनाई जा रही है । उन्होंने महाराज से कहा कि इस योजना के लिए वह उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति से जुड़े हुए सांस्कृतिक मेलों के फोटो, विडियो आदि बनाकर भारत सरकार को भेजें | इस संबंध में उत्तराखंड के नंदा देवी लोकजात मेला, कांवड मेला, बागेश्वर के उत्तरायणी मेला और देवीधुरा के ऐतिहासिक बग्वाल मेले पर भी दोनों मंत्रियों के बीच चर्चा हुई ।

इसके अलावा जागेश्वर तथा कटारमल एवं अन्य स्थानों पर लाईट एण्ड साउड शो आयोजित करने के लिए अनुरोध किया जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि इनका आयोजन भी हम करेंगे।

मीटिंग में केन्द्रीय मंत्री ने आश्वस्त किया कि जो भी सुझाव व प्रस्ताव दिये गये हैं उन सभी पर सकरात्मक रूप से कार्य किया जायेगा । पर्यटन अवस्थानाओं और पर्यटन सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जायेगा जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जा सके और स्थानीय अर्थ व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

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