जानिए पराग की सफलता पर क्यूँ पाक में याद की जा रही हैं दिवंगत विदेश मंत्री सुषमा स्वराज?

हिंदुस्तान में भारतीय मूल के पराग अग्रवाल का ट्विटर के CEO बनने की चर्चा हो रही है वहीं पाकिस्तान में इस उपलब्धि पर पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को याद किया जा रहा है | एक भारतीय की इस उड़ान पर दुनिया भर में वाहवाही हो रही है। वहीं पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के सोशल मीडिया के आसमान पर दिवंगत सुषमा जी का सयुंक्त राष्ट्र में दिया भाषण छाया हुआ है जिसमें उन्होने कहा था कि भारत ने दुनिया को इंजीनियर और डॉक्टर दिये और पाकिस्तान ने आतंकवादी दिये |

पराग अग्रवाल के ट्विटर का CEO बनने के बाद पाकिस्तान के सोशल मीडिया पर दुनिया की तरक्की में भारत और पाक के योगदान को लेकर बहस ट्रेंड कर रही है | अधिकांश पाकिस्तानी स्वीकार कर रहे हैं अपनी शिक्षा नीति के चलते भारतीय मूल के लोग आज दुनिया की टॉप कंपनियों पर राज कर रहे हैं | और इस सारी बहस में वहाँ के लोग भारत की दिवंगत विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को खूब याद कर रहे हैं | उनका चार साल पुराना संयुक्त राष्ट्र में दिया गया भाषण याद किया जा रहा है जिसमें सुषमा ने कहा था कि भारत में चाहे जो सरकार रही हो, उसने विकास पर फोकस किया। हमने IIT और IIM जैसे शिक्षण संस्थान बनाए। लेकिन पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ने आतंकवाद को पाल-पोस कर जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा दिए।

जानिए पाक में पसंद किए जा रहे इस भाषण में सुषमा स्वराज ने क्या कहा था?

सुषमा ने चार साल पहले UN में भाषण में सुषमा स्वराज ने कहा था, “भारत ने पाकिस्तान की तरफ से आतंकवाद की चुनौतियों का सामना करते हुए भी अपने घरेलू विकास को कभी थमने नहीं दिया। हमारे देश में 70 साल के दौरान कई पार्टियों की सरकारें आईं, हर सरकार ने विकास की रफ्तार जारी रखी। हमने IIT और IIM बनाए, हमने AIIMS जैसे अस्पताल बनाए, अंतरिक्ष के क्षेत्र में विश्व प्रसिद्ध संस्थान बनाए। पाकिस्तान वालों, आपने क्या बनाया? आपने हिज्बुल मुजाहिदीन, हक्कानी नेटवर्क, जैश-ए-मोहम्मद बनाया और लश्कर-ए-तैयबा बनाया। हमने स्कॉलर, सांइटिस्ट्स और डॉक्टर पैदा किए और आपने जिहादी पैदा किए।”

फिलहाल एक भारतीय की सफलता में पाकिस्तानियों के अपनी खामी ढूँढने का मतलब कतई नहीं है कि वहाँ सब कुछ ठीक होने जा रहा है | क्यूंकि धार्मिक चश्में से तकनीकी ज्ञान बटोरने वाले किलो पाव किलो का परमाणु बम तो बना सकते है लेकिन परमाणु संयंत्र नहीं |

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