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महिलाओं को अधिकार देने वाले यूसीसी के विरोध मे हरदा के तर्क स्वाभाविक: चौहान

देहरादून।।

भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि महिलाओं को अधिकार देने वाले यूसीसी को लेकर पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत का इस पर विरोध चौंकाने वाला नही, बल्कि स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि एक ओर हरदा अभी इस ड्राफ्ट के अध्ययन के बिना इस पर कोई प्रतिक्रिया को गलत ठहराया तो दूसरी और इसे मुस्लिम विरोधी भी करार दे रहे हैं।
चौहान ने कहा कि विरोध तब जायज होता जब यह बिल किसी के अधिकारों पर अतिक्रमण करता अथवा छीन लेता, लेकिन यहाँ महिला शासक्तिकरण के लिए उनके अधिकारों मे वृद्धि की जा रही है। इसलिए इस बिल के समर्थन की अपेक्षा विपक्ष के विधायकों से भी की गयी।

उन्होंने कहा कि सब कुछ शीशे की तरह साफ है, लेकिन कांग्रेस तुष्टिकरण के चश्मे को नही उतार पा रही है। अगर कांग्रेस महिलाओं को अधिकार देने वाले कानून का विरोध तुष्टिकरण के लिए कर रही है तो यह तर्कसंगत नही है। महिलाओं को अधिकार देने से किसी तरह किसी भी वर्ग या समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत नही हो सकती है।

चौहान ने कहा कि क्या महिलाओं को अधिकार देना कहीं से नाजायज है। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम हरदा तुष्टिकरण का खेल खेलते रहे है। पूर्व मे उनकी ही पार्टी के एक पदाधिकारी ने मुस्लिम यूनिवर्सिटी खोलने के उनके वायदे को सार्वजनिक कर कांग्रेस सहित प्रदेश मे सनसनी फैला दी थी। इसका लाभ हानि जिसे भी हुआ हो, लेकिन यह बात साफ तौर पर सामने आयी कि कांग्रेस और हरदा तुष्टिकरण को हमेशा ही तरजीह देते रहे है। इसलिए उनका विरोध इस पर स्वाभाविक है और वह भी वोट बैंक की खातिर ही विरोध जता रहे हैं।

चौहान ने कहा कि सीएम पुष्कर सिंह धामी महिला अधिकारों के प्रति सजग हैं और पार्टी के चुनाव से पूर्व किये गए वायदे के अनुसार उन्होंने सरकार गठन के बाद ही इस पर कार्य शुरू कर दिया था। नतीजा लंबी कसरत के बाद आज ड्राफ्ट सदन पटल पर है और महिलाओं को अधिकार दिलाने वाले बिल यूसीसी जल्द लागू होगा।

 

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