
राज्य में आगामी वीवीआईपी कार्यक्रम के मद्देनज़र दून पुलिस द्वारा चलाए जा रहे सघन चेकिंग और सत्यापन अभियान के दौरान एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कोतवाली पटेलनगर पुलिस और एल.आई.यू. की संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान अवैध रूप से भारत में रह रही दो बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है। दोनों महिलाओं से पूछताछ में उनके बांग्लादेश की नागरिक होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने बताया कि दोनों को नियम अनुसार बांग्लादेश डिपोर्ट किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि दोनों महिलाएं अलग-अलग समय पर बांग्लादेश से अवैध रूप से सीमा पार कर भारत में घुसीं और अलग-अलग शहरों में रहीं। बाद में दोनों की मुलाकात दिल्ली में हुई, जहां से वे एक टैक्सी में सवार होकर देहरादून पहुंचीं।
गिरफ्तार महिला स्वाति उपाध्याय उर्फ मरियम ने बताया कि दिल्ली से देहरादून आने वाली उसी टैक्सी के ड्राइवर धर्मवीर को बातों में फंसा कर उससे शादी कर ली। धर्मवीर टैक्सी चालक है और दोनों की एक साल की पुत्री भी है।
वहीं, दूसरी अभियुक्ता शिवली अख्तर उर्फ जॉली उर्फ सना ने बताया कि उसने सहारनपुर में बढ़ई का काम करने वाले सलमान से शादी की। सलमान से उसकी मुलाकात एक मॉल में हुई थी, जहां उसने खुद को वहीं काम करने वाली बताया और उसे शादी के लिए राजी कर लिया। शिवली का एक 10 माह का पुत्र है।
पुलिस ने दोनों महिलाओं के मोबाइल फोन की तलाशी में बांग्लादेशी पहचान पत्र बरामद किए हैं। इसी आधार पर उनकी नागरिकता की पुष्टि हुई। दोनों ने पूछताछ में अवैध रूप से भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की बात स्वीकार की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के निर्देश पर आगामी वीवीआईपी कार्यक्रम के दृष्टिगत पूरे जिले में संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश और सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में पटेलनगर क्षेत्र के संस्कृति लोक कॉलोनी में की जा रही चेकिंग के दौरान दोनों संदिग्ध महिलाएं पकड़ी गईं। पुलिस का कहना है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और बाहरी व संदिग्ध व्यक्तियों की गहन जांच की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी ऑपरेशन कालनेमि के तहत देहरादून में अवैध रूप से रह रहे 07 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर डिपोर्ट किया जा चुका है। वहीं, अन्य 07 नागरिकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर जेल भेजा गया था।



