देहरादून

एसआईआर में 8 लाख से ज्यादा वोटर सूची से बाहर होने की कगार पर, चुनावी गणित बदलने के संकेत

2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की बढ़ी चिंता

देहरादून: उत्तराखंड में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में बड़ा बदलाव सामने आया है। निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में करीब 8.41 लाख मतदाता एएसडी (Absent, Shifted, Dead) श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं, जिनके नाम अंतिम सूची से हटाए जा सकते हैं। वहीं एसआईआर शुरू होने से पहले ही लगभग 4.95 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा चुके थे। ऐसे में कुल मिलाकर 13 लाख से अधिक मतदाताओं का आंकड़ा चुनावी तस्वीर को प्रभावित कर सकता है।

प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया 8 जून 2026 से शुरू हुई थी, जिसका पहला चरण 7 जुलाई को पूरा हो रहा है। जनवरी 2026 में राज्य में कुल 84,55,994 मतदाता दर्ज थे, जबकि एसआईआर के दौरान यह संख्या घटकर 79,60,762 रह गई। इनमें से 8,41,020 मतदाताओं को एएसडी श्रेणी में रखा गया है। वर्तमान में 71,16,650 मतदाताओं के गणना फॉर्म डिजिटलाइज्ड किए जा चुके हैं।

निर्वाचन विभाग के अनुसार एएसडी श्रेणी में शामिल मतदाताओं में 1,24,278 मृत, 4,79,762 स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित, 61,888 पहले से अन्यत्र पंजीकृत, 1,66,741 अनुपस्थित तथा 8,351 अन्य कारणों से चिन्हित मतदाता शामिल हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदाताओं की संख्या में यह गिरावट आगामी विधानसभा चुनाव में कई सीटों का गणित बदल सकती है। खासकर शहरी और मैदानी जिलों में मतदाताओं की संख्या में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

सबसे अधिक संभावित नाम कटने वाले जिलों में देहरादून (1,90,815), उधमसिंह नगर (1,82,162), हरिद्वार (1,31,047) और नैनीताल (72,053) शामिल हैं। जबकि पर्वतीय जिलों में भी हजारों मतदाता एएसडी श्रेणी में पाए गए हैं।

निर्वाचन विभाग का कहना है कि 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद दावे और आपत्तियों के लिए एक माह का समय दिया जाएगा। इस दौरान पात्र मतदाता अपने दस्तावेज प्रस्तुत कर सूची में नाम शामिल करा सकेंगे। इसलिए अंतिम मतदाता संख्या में बदलाव संभव है।

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