यूसीसी कानून को रद्द करने को निकाल जुलूस
देहरादून। विभिन्न जन संगठनों एवं विपक्षी दलों के प्रतिनिधि इकट्ठे हुए और आवाज उठाया और कि राज्य में लागू हुआ यूसीसी कानून महिला विरोधी, जन विरोधी एवं गैर संवैधानिक है। इस कानून द्वारा हर नागरिक की निजता पर हमला किया गया है और खास तौर पर महिलाओं की सुरक्षा और आजादी का गंभीर हनन होगा। इस अवसर पर इस कानून को तत्काल प्रभाव से रदद किये जाने की मांग की गई। इस दौरान धरना प्रदर्शन करने के बाद जिलाधिकारी कार्यालय तक जुलूस निकाला गया।
यहां गांधी रोड स्थित पंडित दीनदयाल पार्क में विभिन्न जन संगठनां एवं विपक्षी दलों के प्रतिनिधि एकत्रित हुए ओर वहां पर उन्होंने यूसीसी के खिलाफ प्रदर्शन कर धरना दिया और इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि सरकार एक तरफ महिलाओं के नाम पर ऐसे कानून ला रही है और दूसरी तरफ महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाये गए सारे व्यवस्थाएं को कमजोर कर रही है। इसके अतिरिक्त इस कानून द्वारा जाती एवं धर्म आधारित हिंसा और नफरत को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों ने पार्क पर धरने देने के बाद जिलाधिकारी कार्यालय तक जुलुस निकाल कर सिटी मजिस्ट्रेट को राज्यपाल के नाम पर ज्ञापन सौंपा और ज्ञापन में इस कानून को तत्काल प्रभाव से रदद किये जाने की मांग की गई।
इस अवसर पर धरने व जुलूस में उत्तराखंड महिला मंच की कमला पंत, निर्मला बिष्ट, चन्द्रकला, पद्मा घोष, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के जिला सचिव शिव प्रसाद देवली, महानगर सचिव अनंत आकाश, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के अशोक शर्मा, समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष अतुल शर्मा, उत्तराखंड नुमाइंदा संगठन के याकूब सिद्दीकी,चेतना आंदोलन के शंकर गोपाल, मुमताज, सुनीता देवी, एसएफआई के राज्य सचिव हिमांशु कुमार,सीटू के जिला सचिव लेखराज, तंजीम ए रहनुमा ए मिल्लत के लताफत हुसैन, क्रन्तिकारी लोक अधिकार संगठन के भोपाल, नासिर प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की नीता,सर्वोदय मंडल के डॉ विजय शुक्ला और अन्य लोग शामिल रहे।



