Homeउत्तराखण्डवित्तीय वर्ष 2022-23 ऐतिहासिक बजट में हर वर्ग की भागीदारी:निशंक

वित्तीय वर्ष 2022-23 ऐतिहासिक बजट में हर वर्ग की भागीदारी:निशंक

पूर्व शिक्षा मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक  ने वित्तीय वर्ष 2022-23 हेतु युवा मुख्यमंत्री यशस्वी पुष्कर धामी  की सरकार द्वारा लाया गए बजट को एक दूरदर्शी बजट बताया और कहा कि यह बजट उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का स्केल बदलने वाला बजट साबित होगा।

डॉ निशंक ने उत्तराखंड के बजट को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही देवभूमि उत्तराखंड को विकास की राह पर तेजी से आगे ले जाने वाला बजट बताया। उन्होंने इस बजट के लिए मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी और  वित्त मंत्री  प्रेम चंद्र अग्रवाल  को बधाई दी और उनका अभिनंदन व्यक्त किया। डॉ निशंक ने बजट सम्पूर्ण प्रदेशवासियों की उम्मीदों को प्रतिबिंबित करता वाला बजट बताया ।

डॉ निशंक ने धामी सरकार को बधाई देते हुए यहां बताया कि केंद्र पोषित और बाह्य सहायतित योजनाओं को तेजी से लागू किया जाएगा। इसके साथ ही 1 हजार 930 करोड़ की योजना से टिहरी झील का विकास किया जाएगा। साथ ही ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर कार्य किया जाएगा। वित्त मंत्री ने बताया कि 1 हजार 750 की लागत से देहरादून से मसूरी परियोजना की भारत सरकार से स्वीकृति मिल गई है।

2 हजार 812 करोड़ की अर्बन योजना की भी स्वीकृति मिल गई है. केंद्र सरकार ने स्वच्छ पेयजल के लिए जायका के माध्यम से 1 हजार 600 करोड़ की योजना को स्वीकृति दे दी है। इसके अलावा 14 हजार 387 करोड़ की वाह्य सहायतित योजना की भी सौगात केंद्र ने उत्तराखंड को दी है।

डॉ रमेश पोखरियाल निशंक यह कहा कि बजट के माध्यम से प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए उत्तराखंड के युवा मुख्यमंत्री  धामी  की सरकार ने जनता को दी ये बड़ी सौगते दी है।

मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना 20 करोड़। सामुदायिक फिटनेस उपकरण 10 करोड़। गौ सदनों के लिए 15 करोड़। मुख्यमंत्री एकीकृत बागवानी विकास योजना के लिए 17 करोड़। चाय विकास योजना के लिए 18.40 करोड़।

मेरा गांव मेरी सड़क के लिए 14 करोड़। अटल उत्कर्ष विधालय के लिए 12.28 करोड़। सीपेट (CIPET) के लिए 10 करोड़। मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह के लिए 7 करोड़। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के लिए 6 करोड़। सीमांत क्षेत्र में शिक्षा के लिए पांच करोड़। पीएम फसल योजना के लिए चार करोड़। अटल आयुष्मान योजना के लिए 310 करोड़। मनरेगा के लिए 298 करोड़। पीएम आवास योजना के लिए 312 करोड़। स्मार्ट सिटी योजना के लिए 205 करोड़। दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना 105 करोड़। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 112 करोड़।

वृद्धावस्था, निरा, विधवा, दिव्यांग, आर्थिक रूप से कमजोर ,किसान, परित्यागिता महिलाओं की पेंशन के लिए 15 करोड़। उत्तराखंड महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 55 करोड़। पीएम कृषि सिंचाई योजना 43 करोड़। सामान्य, ओबीसी छात्रों की निशुल्क पुस्तकों के लिए 37 करोड़। श्यामा प्रसाद मुखर्जी अर्बन मिशन योजना के लिए 34 करोड़। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वराज अभियान के लिए 30 करोड़। पलायन रोकथाम के लिए 25 करोड़। नंदा गौरा योजना के लिए 500 करोड़। कुल बजट 63774.55 करोड़ का है।

डॉ निशंक ने उत्तराखंड के बजट की तारीफ करते हुए कहा कि यह बजट सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने वाला, रोजगार का सृजन करने वाला, गरीब को शक्ति, किसान को मजबूती, श्रमिकों को सम्मान, मध्यम वर्ग के सपनों को साकार, ईमानदार आयकरदाताओं का गौरवगान, इंफ्रास्ट्रक्टर निर्माण को गति और अर्थव्यवस्था को बल देने के नरेंद्र मोदी  के संकल्प को साकार करने में अहम भूमिका निभायेंगे। यह बजट सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी और सर्व-समावेशी है । यह बजट सुशासन, गरीबी उन्मूलन, सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन और रोजगार सृजन का नया अध्याय लिखने में महत्वपूर्ण योगदान देगा ।

डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा की मुझे इस बात की खुशी है कि इस बजट में ढांचागत अवस्थापना विकास, स्वास्थ्य, रोजगार सृजन, आवास, सामाजिक कल्याण, कृषक कल्याण, उच्च शिक्षा, नवाचार एवं अनुसंधान पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।

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